सैनिक सहकारी समिति शेयरधारकों की धनराशि को पूर्व सैनिक लीग में हस्तांतरित करने की मांग की

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने सैनिक सहकारी समिति शेयर धारकों की धनराशि को पूर्व सैनिक लीग में हस्तांतरित करने की मांग की है। परिषद के सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्रों के अनुसार सहायक निबन्धक सहारी समिति ने उक्त संस्था के सचिव को शेयर धारकों का पैसा ब्याज सहित लौटाने को कहा है। लेकिन 1965 से अभी तक कई धारकों की मौत हो चुकी है और जो जीवित शेयर धारकों के आश्रित है उनके पास शेयर सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र नहीं है। इसलिए शेयर धारकों की धनराशि को पूर्व सैनिक लीग में हस्तांतरित की जानी चाहिए।
शनिवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कैप्टन (अवकाश प्राप्त) सीपी डोबरियाल ने कहा कि गढ़वाल सैनिक सहकारी समिति लिमिटेड कोटद्वार के खाते में फिक्स डिपोजिट के रूप में जो 3880684 की धनराशि जमा है, उसे पैरा-13 व पैरा-14 सोशायटी रजिस्टे्रशन एक्ट 1860 के तहत पूर्व सैनिक शेयर धारकों के कल्याण, पुर्नवास व रोजगार सृजन हेतु सैनिक लीग कोटद्वार को हस्तांतरित किया जाय। उन्होंने कहा कि गढ़वाल सैनिक सहकारी समिति 1965 में पूर्व सैनिक कल्यार्थ खोली गई थी, लेकिन कतिपय कारणों से 1996 में यह संस्था बंद कर दी गई। 4 फरवरी 2015 को कुछ पूर्व सैनिक जो संस्था के न तो सदस्य और न ही शेयर धारक है। इन्होंने मिलकर बिना शेयर धारकों की सहमति के बैंक से संस्था की धनराशि की निकासी शुरू कर दी। जब शेयर धारकों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई व आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सूचना मांगी तो उक्त संस्था ने शेयर धारकों को भ्रमित व गुमराह करना शुरू कर दिया। जिस पर शेयर धारकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में सैनिक हितों को ध्यान में रखते हुए जांच की मांग की। इस प्रकरण में जिला निबन्धक कार्यालय ने भी शेयर धारकों की मदद नहीं की बल्कि जांच को टालमटोल कर विलम्ब करते रहे। उन्होंने कहा कि उक्त प्रकरण 55 साल पुराना है। 1996 में सोशायटी बंद होने के बाद वर्तमान स्वयंभू बने उक्त संस्था के पास शेयर धारकों का पूरा रिकार्ड नहीं है। संस्था के लेखा जोखा का ऑडिट भी नहीं कराया गया है। संस्था का 1996 के बाद नवीनीकरण भी नहीं कराया गया है। सीपी डोबरियाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्यार्थ 4 जनवरी 2021 को सैनिक विश्राम गृह में उक्त प्रकरण को लेकर बैठक आयोजित की जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!