सरकार के भीतर से ही गैरसैंण को जिला बनाने की उठी मांग,कैबिनेट में होगा विचार

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देहरादून । प्रदेश सरकार के भीतर से ही ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को जिला बनाने की मांग उठ रही है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य के बाद शनिवार को कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने गैरसैंण को जिला बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि गैरसैंण का जिला बना देने से वहां ज्यादा विकास होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को मंडल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, उनकी इस घोषणा का भाजपा के भीतर ही विरोध शुरू हो गया। कुमाऊं मंडल के कई विधायकों ने घोषणा के विरोध में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और उनका रोष केंद्रीय नेतृत्व तक जा पहुंचा।
प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी गैरसैंण को मंडल बनाए जान की घोषणा की पर पुनर्विचार करने की बात कही। उनकी इस घोषणा का पार्टी में समर्थन हुआ। प्रदेश सरकार के मंत्री भी गैरसैंण को मंडल के स्थान पर जिला बनाए जाने की पैरवी कर रहे हैं।
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने गैरसैंण को मंडल बनाए जाने की घोषणा को अव्यावहारिक करार दिया है। उनका मानना है कि गैरसैंण को जिला बनाया जाना ज्यादा सही होगा। अब कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने भी गैरसैंण को जिला बनाने की वकालत की है।
गैरसैंण को मंडल बनाने की घोषणा हुई है। इसका कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इस घोषणा पर कैबिनेट विचार करेगी और जनभावना के अनुरूप निर्णय लेगी।
– सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड शासन
गैरसैंण को मंडल बनाए मंडल बनाना बहुत ज्यादा व्यावहारिक नहीं था। मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही है। अल्मोड़ा नैनीताल के साथ और गैरसैंण जिले के रूप में उचित बैठता है।
– रेखा आर्य, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार
गैरसैंण को मंडल बनाए जाने की घोषणा पर बैठकर विचार करेंगे। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यदि आवश्यक होगा तो इसे वापस भी ले लेंगे। देखा जाए तो गैरसैंण जिला बनाया जाना चाहिए। जिला बनेगा तो ज्यादा विकास होगा।
– बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री

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