उत्तरकाशी। धनारी पट्टी के मंजकोट गांव में पंचायत भवन की जर्जर हालत ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। भवन की दीवारों पर जगह-जगह दरारें पड़ने से इसके सुरक्षित होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों को न्याय पंचायत की बैठकें करने के लिए इसी भवन का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी भवन की मरम्मत नहीं कराई गई है।
मंजकोट गांव की प्रधान वंदना राणा और अमित राणा ने बताया कि मंजकोट गांव में वर्ष 2002 में पंचायत भवन का निर्माण किया गया था। लंबे समय से मरम्मत और देखरेख के अभाव में भवन की स्थिति खराब हो गई है। दीवारों पर पड़ी दरारें और भवन की जर्जर हालत किसी संभावित हादसे की आशंका बढ़ा रही हैं। ऐसे में यहां न्याय पंचायत की बैठकें आयोजित करना ग्रामीणों के लिए चुनौती बना हुआ है।
कहा कि भवन की खराब स्थिति के संबंध में संबंधित विभाग को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद भवन की मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि पंचायत भवन गांव की महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है। न्याय पंचायत की बैठकों सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए भवन का उपयोग किया जाता है लेकिन इसकी जर्जर स्थिति के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।