जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सिलगाड़ नदी पर लंबे समय से प्रस्तावित पुल का निर्माण शुरू नहीं होने से सिम्मलचौड़ और गोदी छोटी के ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और मौजूद अधिकारी का घेराव किया। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामसभा सिम्मलचौड़ और गोदी छोटी के ग्रामीण लोनिवि कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव सिलगाड़ नदी के तट पर स्थित हैं और आवागमन के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती है। नदी में पानी बढ़ने पर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है और ग्रामीणों का गांव से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि नदी पार करते समय बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक खतरा रहता है। आपात स्थिति में किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर वह पूर्व में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जल्द पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। इस दौरान भाजपा मंडल मंत्री आनंद सिंह रावत, गजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, दीपक रावत, संदीप सिंह, हरेंद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, राहुल जैन, रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।