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सल्ट में अस्पतालों को पीपीपी मोड़ में देने के विरोध में धरना 

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अल्मोड़ा। सल्ट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल और स्याल्दे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट को पीपीपी मोड में देने के विरोध में सल्ट विकास संघ समिति का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। नाराज समिति के लोगों ने गुरुवार को तहसील मुख्यालय में प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया। जल्द फैसले को वापस नहीं लेने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी।
धरना स्थल पहुंचकर ब्लॉक प्रमुख ने भी समर्थन दिया। तहसील मुख्यालय में धरने पर बैठे समिति के लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार अस्पतालों को पीपीपी में मोड में देकर जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। आरोप लगाया कि सरकार सीएचसी देघाट और सल्ट के देवायल अस्पताल को क्षेत्रीय विधायक के कहने पर पीपीपी मोड में दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल निजी हाथों में जाने से यहां की व्यवस्थाएं बदहाल हो जाएंगी। जनता की कोई सुनवाई भी नहीं होगी। यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक ने एक नीजि संस्था को इसके लिये पत्र भी भेज रखा है। उन्होंने अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने के फैसले को वापस नहीं लेने पर आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी। धरना प्रदर्शन में गोविंद बल्लभ उपाध्याय, अमित रावत, नारायण सिंह रावत, मोहन चंद्र, वीरेंद्र शर्मा, संजय सिंह रावत, चंदन सिंह कई लोग शामिल रहे। इससे पूर्व बुधवार की शाम ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।

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