देहरादून। गढ़वाल मंडल में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं होने पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शेष कार्य हर हाल में 16 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। गुरुवार को देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान गढ़वाल आयुक्त ने विभिन्न निर्माणदायी संस्थाओं के अंतर्गत आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष सड़कों पर मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है। इन सभी कार्यों को 16 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भारी बारिश से प्रभावित हुआ मरम्मत कार्य
समीक्षा बैठक में निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि विगत दिनों हुई भारी बारिश के कारण सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य प्रभावित हुआ। बारिश के बाद डामरीकरण के लिए आवश्यक तापमान अनुकूल नहीं मिल पाने से कुछ स्थानों पर काम निर्धारित गति से नहीं हो सका। हालांकि, इसके बावजूद अधिकांश सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा चुका है और शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आमजन को राहत देने के निर्देश
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष सड़कों की मरम्मत में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर गड्ढे होने से आमजन को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में सड़क मरम्मत के कार्यों को गंभीरता से लेते हुए जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। आयुक्त ने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को अपने अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरम्मत कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। सभी अधिकारी अपने स्तर से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें और तय समयसीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें।