जौलीग्रांट। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, कोटी भानियावाला में आयोजित पांच दिवसीय प्रांतीय वैदिक गणित प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन शिक्षकों ने गणित को सरल, रोचक, त्वरित और व्यावहारिक बनाने की विविध वैदिक विधियों का अभ्यास किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 63 शिक्षकों ने वैदिक गणित के सूत्रों और उपसूत्रों का अध्ययन करते हुए गणना को सहज और तीव्र बनाने की तकनीकों का अभ्यास किया। प्रात:कालीन वंदना सत्र में विद्या भारती के अखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेंद्र राव देशमुख ने विद्यालयों में आयोजित किए जाने वाले वैदिक गणित मेले की अवधारणा और उसकी विविध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कहा कि गणित मेले के माध्यम से छात्रों में गणित के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और सृजनात्मक सोच का विकास किया जा सकता है।
उन्होंने गणितीय खेल, प्रश्नोत्तरी, त्वरित गणना प्रतियोगिताएं और मॉडल प्रदर्शनियों जैसी गतिविधियों को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया।सह क्षेत्र संयोजक बालकिशन अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य के नियमित अभ्यास के माध्यम से स्वयं को दक्ष प्रशिक्षक के रूप में विकसित करना है। यदि शिक्षक वैदिक गणित की विधियों का निरंतर अभ्यास करें तो वे कक्षा-कक्ष में गणित को अत्यंत सरल, रुचिकर और छात्रों के लिए आनंददायक बना सकते हैं।