विकासनगर।सीलिंग भूमि (चाय बागान भूमि) के नाम पर आमजन के कथित उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार को जन संघर्ष मोर्चा ने विकासनगर तहसील परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मोर्चा पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी देहरादून को संबोधित ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री रयाल को सौंपा। इस दौरान संगठन ने जिला प्रशासन पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने और वर्षों से भूमि स्वामियों एवं काश्तकारों को अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और प्रभावित लोग शामिल हुए। उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए संगठन ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि देहरादून जनपद के एनफील्ड ग्रांट, जमनीपुर, एटनबाग, ईस्ट होप टाउन, बदामावाला, अंबाड़ी, नत्थनपुर सहित कई क्षेत्रों में चाय बागान एवं सीलिंग भूमि के नाम पर भवन स्वामियों और काश्तकारों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिविल अपील संख्या 2697/1984 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 24 अक्टूबर 1996 को दिए गए निर्णय में स्पष्ट किया गया था कि 10 अक्टूबर 1975 से पूर्व खरीदी गई भूमि उत्तर प्रदेश सीलिंग एक्ट की धारा 6(3) के तहत सीलिंग से मुक्त है। इसके बावजूद वर्ष 2023 में जारी प्रशासनिक आदेशों के आधार पर ऐसी भूमि के क्रय-विक्रय तथा दाखिल-खारिज पर भी रोक लगाई जा रही है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।