उत्तराखंड

पीएम को खून से लिखा पत्र भेजकर की देवस्थानम बोर्ड भंग करने की माँग

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रुद्रप्रयाग। देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर अब तीर्थपुरोहितों ने आंदोलन उग्र कर दिया है। बुधवार को केदारनाथ में बड़ी संख्या में तीर्थपुरोहितों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जबकि अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित युवा महासभा के उपाध्यक्ष एवं केदारनाथ तीर्थपुरोहित आचार्य संतोष त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजा। इस दौरान उन्होंने तीर्थपुरोहितों के हितों की रक्षा के लिए शीघ्र देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। केदारनाथ से प्रधानमंत्री को तीर्थपुरोहित समाज केदारनाथ की ओर से लिखे पत्र में आचार्य संतोष त्रिवेदी ने कहा कि बीते दो सालों से उत्तराखंड के चारों धामों में देवस्थानम बोर्ड का विरोध चल रहा है किंतु राज्य सरकार मौन बैठी है। उसे इस आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है। तीर्थपुरोहितों से कोई वार्ता नहीं की जा रही है। इसी के विरोध में केदारनाथ में बुधवार को अपने आंदोलन को उग्र करते हुए प्रधानमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजा गया। कहा कि सनातन धर्म की पौराणिक परंपराओं के साथ छेड़छाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि प्रधानमंत्री से आशा है कि केदारनाथ के चहुंमुखी विकास किया जाए किंतु पौराणिक समय से चली आ रही परंपराओं के साथ खिलवाड़ करना बंद किया जाए। तीर्थपुरोहितों के हकों के साथ खिलवाड़ न किया जाए। यह किसी भी दशा में उचित नहीं है। मंदिरों में सदियों से चली आ रही परंपरा को बहाल कर देवस्थानम बोर्ड को पूर्ण रूप से भंग कर किया जाए। इससे पूर्व केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में मंदिर परिसर में धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। इसमें सभी तीर्थपुरोहित मौजूद थे।

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