गोल्डन कार्ड से नहीं मिल रहा कोरोना का ईलाज

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हल्द्वानी। कोविड काल में सरकारी नौकरी वाले कर्मचारियों के लिए गोल्डन कार्ड कोई काम नहीं आ पा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ और उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन में रोष व्याप्त है। उन्होंने इसे सिर्फ सरकार की आमदनी बताया है। बोले, कोविड काल में संक्रमित शिक्षकों को अपने जेब से इलाज कराना पड़ रहा है। नियमित रुपये कटने के बाद भी उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों ने कहा कि अगर उन्हें इलाज नहीं मिला तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यहां बता दें कि जिले में 12वीं कक्षा तक 5000 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। जिसमें कक्षा 6 के शिक्षकों का 450 रुपये, कक्षा 7 से 9 के शिक्षकों का 650 रुपये और कक्षा 9 से ऊपर वाले शिक्षकों का 1100 रुपये हर महीने काटा जा रहा है।
बोले शिक्षक
हल्द्वानी। राजकीय शिक्षक संघ जिला नैनीताल जिला मंत्री जगदीश बिष्ट ने बताया वर्ष 2021 के जनवरी से लगातार शिक्षकों के वेतन से गोल्डन कार्ड के नियमित पैसे काटे जा रहे हैं। सरकार गोल्डन कार्ड से इलाज फ्री का वायदा कर चुकी है, लेकिन अस्पताल इसे मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में गोल्डन कार्ड के लिए होने वाली कटौती को बंद किया जाए, अन्यथा शिक्षक इसके विरोध में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
भीमताल। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन नैनीताल के जिला मंत्री डिकर सिंह पडियार ने बताया गोल्डन कार्ड से इलाज करने में हल्द्वानी की कई अस्पताल अभी भी ना नूपुर कर रहे हैं। जबकि गोल्डन कार्ड बने कर्मचारियों एवं शिक्षकों का इलाज कैशलेस होता है। संगठन द्वारा बार-बार प्रांतीय नेतृत्व को इस बारे में अवगत कराया गया है अगर गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं होता है, तो शिक्षकों की प्रतिमाह हो रही कटौती बंद की जाए और पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए।
रामनगर। उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के मंडली अध्यक्ष नवेंदु मठपाल ने बताया गोल्डन कार्ड के नाम पर कर्मचारियों शिक्षकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। विगत तीन माह से अधिक का समय हो गया है। हमारे वेतन से धनराशि तो कट रही है, लेकिन कर्मचारी शिक्षकों को जो लाभ मिलना चाहिए था, वह बिल्कुल भी नहीं मिल रहा है। सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों शिक्षक संगठन के मांग अनुरूप गोल्डन कार्ड की सुविधाओं में तत्काल बदलाव करें।
नैनीताल। रोडवेज कर्मचारी लीला बोरा ने बताया विभाग की तरफ से अभी तक किसी कर्मचारी के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं। ना ही विभाग ने कोई लेटर उनको जारी किया है। जिससे वह गोल्डन कार्ड की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। विभाग सभी कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड बनवाए, ताकि रोडवेज कर्मचारी कोरोना संक्रमण होने गोल्डन कार्ड से अपना इलाज करा सके। इसके अलावा कोविड संक्रमित कर्मचारियों को खुद अपने जेब से अपना उपचार कराना पड़ रहा है। पांच माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे घर का खर्चा चलाना तक मुश्किल हो गया है। संक्रमित कर्मचारी कर्ज लेकर ईलाज करवा रहे हैं।
भवाली। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक शाखा अध्यक्ष भीमताल हरीश पाठक ने बताया कि अभी तक किसी को लाभ नही मिला है, अस्पताल कार्ड को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। जनवरी से इसके लिए कटौती की जा रही थी। पहले चिकित्सा प्रति पूर्ति के बिल से राहत मिल जाती थी। दिसंबर के बाद यह भी बंद कर दिया है। सरकार ने संगठनों की लिस्ट जारी की बावजूद इसके अस्पताल कार्ड नही ले रहे हैं। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार इसे नही चलाती तो पूर्व की स्थिति लागू की जानी चाहिए।

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