ऋषिकेश। ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब अंतिम संस्कार को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। देवप्रयाग की भरपूर पट्टी के सौड़ गांव निवासी हरपाल सिंह जेठुड़ी, उनकी पत्नी और उनकी छोटी बेटी की करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया है।
बताया जा रहा है कि परिवार के तीनों सदस्य ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में थे। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि हरपाल सिंह जेठुड़ी, उनकी पत्नी और छोटी बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असमय मौत से सौड़ गांव सहित भरपूर पट्टी में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और प्रशासन से मामले में तत्काल राहत एवं उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि परिवार के तीन सदस्यों की मौत से उनके सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार को पीड़ित परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए उचित आर्थिक मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोका
उचित मुआवजे की मांग पूरी नहीं होने के कारण परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन के सामने भी स्थिति को जल्द सुलझाने की चुनौती है। परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
परिजनों को न्याय और आर्थिक सहायता की उम्मीद
ग्रामीणों ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है और अंतिम संस्कार को लेकर बना गतिरोध कब समाप्त होता है।