उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प का अद्भुत उदाहरण मध्यप्रदेश के गुना जिले के दो चचेरे भाई—उधम सिंह (60) और दिवान सिंह (70)—ने प्रस्तुत किया है। दोनों भाई ऋषिकेश से पैदल यात्रा पर निकले और यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ तथा बदरीनाथ धाम के दर्शन का संकल्प लिया। उनका कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक उद्देश्य तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देना भी इसका हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश से ऋषिकेश तक वाहन से पहुंचे, लेकिन हिमालयी धामों की यात्रा पैदल करने का निश्चय किया। कठिन रास्तों और बदलते मौसम में भी भगवान के प्रति अटूट आस्था उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देती है। प्रतिदिन लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए वे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से मिलते हैं, जो उनके साहस की सराहना कर शुभकामनाएं देते हैं। दोनों भाई इस यात्रा के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी फैला रहे हैं। उनका मानना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। उनकी यह कठिन पैदल यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को प्रेरित करने वाला उदाहरण भी है।