महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजनीति न हो

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर विपक्ष का समर्थन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके भविष्य से जुड़ा था। कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस अधिनियम को लागू कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सोमवार को बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक होटल के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रारंभ हुआ जिसमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया। विधेयक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना था। विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए उन्हें सदन में पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों एवं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में इतना अंधा हो चुका है कि वह नारी शक्ति को मिल रहे ऐतिहासिक अधिकारों को भी छीनने पर उतारू है। यह बिल केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारत की महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत स्तर पर सशक्त बनाने का मजबूत माध्यम था। विपक्ष के इस रवैये को जनता कभी माफ नहीं करेगी। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शशिबाला केष्टवाल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शांता बमराड़ा आदि मौजूद रहे।

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