जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे कोटद्वार के लालपानी और सनेह क्षेत्रों में गुलदार की लगातार बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। शाम ढलते ही गुलदार के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से जल्द पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सनेह और लालपानी का बड़ा हिस्सा जंगल से सटा होने के कारण यहां अक्सर गुलदार की गतिविधियां देखने को मिलती हैं। करीब एक माह पहले भी गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है और आए दिन गुलदार के गली-मोहल्लों तक पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। क्षेत्रीय पार्षद संजय भंडारी ने बताया कि गुलदार की दहशत के कारण सबसे अधिक खतरा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम टहलने वालों को बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ा दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गश्त से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने और गुलदार को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग की है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। वन विभाग ने भी क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने और लोगों से शाम एवं रात के समय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।