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बंगाल में हनुमान जयंती पर केंद्रीय बलों की तीन कंपनियां होंगी तैनात, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ममता सरकार का फैसला

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कोलकाता, एजेंसी। रामनवमी की शोभायात्राओं को लेकर बंगाल के हावड़ा, हुगली और अन्य जगहों पर हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को तीखी टिप्पणी की है। राज्य सरकार को नसीहत देते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की खंडपीठ ने कहा है कि राज्य पुलिस अगर हालात को संभालने में विफल हो रही है, तो केंद्रीय बलों की मदद ली जानी चाहिए।
हाई कोर्ट नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की ओर से हुगली जिले के रिसड़ा में हुई हिंसा पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों हनुमान जयंती पर राज्य में हिंसा की आशंका व्यक्त की थी।
वहीं, अब हाई कोर्ट के निर्देश पर राज्य में कोलकाता, हुगली व बैरकपुर में तीन कंपनी केंद्रीय बल की तैनाती होगी। खंडपीठ ने हनुमान जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि अतीत की घटनाओं से सबक लेना चाहिए। बीमारी को लेकर अग्रिम बचाव बेहद जरूरी है। न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने आठ-नौ साल पहले गणेश चतुर्थी की शोभायात्रा पर इसी तरह से हिंसा को लेकर सुनवाई की थी। तब उन्होंने ठोस निर्देश दिए थे और तब से गणेश चतुर्थी पर शांति बरकरार है।
उन्होंने कहा कि हनुमान जयंती पर कोई हिंसा न हो, इसके लिए लोगों के मन में भरोसा बहाल करने की जरूरत है। इसके लिए रूट मार्च की जानी चाहिए। मुंबई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के समय पुलिस बैरिकेड करके शोभायात्रा करवाती है। कोई हंगामा नहीं होता।
इसके अलावा न्यायाधीश ने कहा है कि जहां धारा 144 लगी है, वहां से शोभायात्रा नहीं निकालें। कोई भी राजनीतिक नेता कहीं भी हनुमान जयंती को लेकर कोई बयान नहीं देगा। महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने अदालत को बताया कि राज्य में हनुमान जयंती रैलियां आयोजित करने के लिए पुलिस को करीब 2,000 आवेदन मिले हैं।
इधर, राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू करने के साथ रैलियों में 100 से ज्यादा लोगों के शामिल नहीं होने का निर्देश दिया है। इधर गृह मंत्रालय की ओर से भी हनुमान जयंती पर शांति बहाली के लिए राज्यों को ठोस तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर हुगली जिले के रिसड़ा में हिंसा प्रभावित इलाकों में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है। ज्यादातर दुकानें बंद हैं। इंटरनेट सेवा भी बंद है। बंगाल के बुद्धिजीवियों ने भी हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा हावड़ा में शोभायात्रा में तमंचा लेकर शामिल होने के मामले में पुलिस ने आर्यन गुप्ता नामक एक और युवक को गिरफ्तार किया है। इस मामल में पुलिस ने कल मुंगेर से सुमित साव नामक युवक को गिरफ्तार किया था।
बता दें कि हनुमान जयंती पर विश्व हिंदू परिषद प्रदेश में करीब 500 जगहों पर पूजा-अर्चना करने जा रही है। यहां दिन भर हनुमान चालीसा पाठ करने की भी योजना है। दूसरी ओर बंगाल की महिला व शिशु कल्याण मंत्री शशि पांजा ने हनुमान जयंती को लेकर लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि भाजपा इसमें भी अशांति फैला सकती है।
न्यायमूर्ति शिवगणनम ने एक महत्वपूर्ण मामले का खुलासा करते हुए कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंडहार्बर के एक न्यायाधीश ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिख कर सुरक्षा मांगी है। न्यायाधीश का परिवार हुगली जिले के श्रीरामपुर में रहता है। उन्होंने खुद ही थाने और पुलिस के उच्च पदस्थ अधिकारियों से मदद मांगी है लेकिन आरोप है कि उन्हें कोई मदद नहीं मिली है।

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