फाटा। द्वादशी तिथि पर त्रियुगीनारायण मंदिर में 21 दंपतियों ने भगवान नारायण और भैरवनाथ के पश्वा से संतान प्राप्ति की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद दंपतियों को प्रसाद एवं श्रीसंवाद प्रदान किया गया।
बुधवार को भगवान विष्णु नारायण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली बामन द्वादशी पर महिलाओं और बेटियों ने अपने घरों से हरियाली लाकर नारायण को अर्पित की। हिमालयी क्षेत्र से लाए गए ब्रह्मकमल से भगवान नारायण की मूर्ति का शृंगार किया गया। सुबह ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ब्रह्मकमल समेत विभिन्न पूजा सामग्री से भगवान का शृंगार किया। इसके बाद नारायण की मूर्तियों को थाल में विराजमान कर पश्वाओं ने मुख्य मंदिर की कई परिक्रमा की। अनुष्ठान के बाद मंदिर परिसर में पहुंचे दंपतियों को प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने मोरू प्रजाति के वृक्ष की लकड़ी से झांकड़ी निकालकर उत्सव मनाया। लकड़ी को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित करने के साथ हवन कुंड में भी डाला गया। विभिन्न स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से मिलकर स्नेह और सौहार्द का संदेश दिया। वहीं त्रियुगीनारायण मंदिर जनसेवा समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। समिति अध्यक्ष दिवाकर गैरोला ने बताया कि गांव के ही एक ग्रामीण की मृत्यु होने के कारण समिति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया है।