संस्कारयुक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कण्वनगरी संस्कारशाला के तहत संस्कारयुक्त, नशामुक्त समाज अभियान के संचालन एवं विस्तार को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें विकासखंड दुगड्डा के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि संस्कारयुक्त व नशामुक्त समाज निर्माण के लिए एकजुटता जरूरी है।
सोमवार को टूरिस्ट संदेश फाउंडेशन के आह्वान पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कोटद्वार में विकासखंड दुगड्डा के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य बबीता ध्यानी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ पत्रकार नागेन्द्र उनियाल, एमकेवीएन स्कूल के संस्थापक प्रकाश कोठारी, पूर्व प्रधानाचार्य शंकर दत्त गौड़ व के.पी.एल. खन्तवाल शामिल रहे। इस अवसर पर सुभाष चन्द्र नौटियाल द्वारा लिखित एवं संपादित पुस्तक “कण्वनगरी संस्कारशाला” का लोकार्पण भी किया गया। मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। कण्वनगरी संस्कारशाला द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं को संस्कारवान बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी समय-समय पर संस्कारयुक्त एवं नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान कर चुके हैं। बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने की जिम्मेदारी अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त भूमिका से ही पूरी की जा सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रधानाचार्य बबीता ध्यानी ने कहा कि समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सतत जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कण्वनगरी संस्कारशाला इस दिशा में निरंतर सक्रिय रहते हुए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 अगस्त के बाद विकासखंड दुगड्डा के सभी माध्यमिक विद्यालयों में “संस्कारयुक्त, नशामुक्त समाज” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों एवं नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस दौरान डॉ. राकेश मोहन ध्यानी ने पुस्तक कण्वनगरी संस्कारशाला की समीक्षा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन अजयपाल सिंह रावत ने किया। इस मौके पर प्रकाश कोठारी, चित्रमणि देवलियाल, शशिभूषण अमोली, मयंक प्रकाश कोठारी प्रवेश चन्द्र नवानी, जनार्दन प्रसाद ध्यानी, एस.पी. कुकरेती, डॉ. सुन्दर लाल जोशी, रमाकांत कुकरेती, डॉ. मंजू कपरवाण, विकास देवरानी, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रेश लखेड़ा, वरिष्ठ पत्रकार कमल बिष्ट, सुनील नवानी, राजेन्द्र प्रसाद पंत आदि मौजूद रहे।