यूपी में कोरोना वैक्सीन देने की संभावित तारीख आई सामने, स्वास्थ्य कर्मियों और अफसरों की छुट्टियां रद्द

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लखनऊ , एजेंसी। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा जो साल के अंत में कहीं घूमने का प्लान बना चुके थे। कोरोना वैक्सीन को लगाए जाने की तैयारियों के चलते महानिदेशालय में तैनात सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की पूर्व में स्वीत किए गए उपार्जित अवकाश व आकस्मिक अवकाश को निरस्त कर दिया गया है। सभी को बुधवार से कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक परिवार कल्याण डा राकेश दुबे की ओर मंगलवार को यह आदेश जारी कर दिए गए। उन्होंने बताया कि ऐसे अधिकारी व कर्मचारी जिनकी पूर्व में छुट्टियां पूर्व में स्वीत की गई थी उसे निरस्त कर दिया गया है। फिलहाल आगे कोरोना वैक्सीन को लेकर जिन स्वास्थ्यकर्मियों व डक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी, उनकी छुट्टियां भी निरस्त की जा सकती हैं। अभी कोरोना वैक्सीन को रखने और उसे सुरक्षित ढंग से टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचाने के लिए तैयारियां चल रही हैं। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2021 से टीकाकरण का पहला चरण शुरू होगा।
कोरोना महामारी से निजात के लिए जल्द ही वैक्सीन आने की संभावना है। इसे देखते हुए यूपी सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार से उत्तर प्रदेश में वैक्सीन लगाने वाले वैक्सीनेटरों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षण आसान भाषा में दिया जाए, ताकि उन्हें समझने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा है कि वैक्सीन के प्रभावी और सुरक्षित स्टोरेज संबंधी निर्देश सरकार पहले ही दे चुकी है। इस दिशा में तेजी से काम कर कोल्ड चेन को तैयार कर लिया जाए। योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए।
आज से जिलों में कोरोना वैक्सीन लगाने की ट्रेनिंग रू यूपी में कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर तैयार करने के लिए दो दिवसीय अनलाइन ट्रेनिंग मंगलवार को समाप्त हो गई। बुधवार से सभी जिलों में कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा।
अब जिलों में ट्रेनर बताएंगे कि किस तरह सुरक्षित ढंग से लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा और क्या-क्या सावधानियां बरतनी होंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा यह ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग में सभी जिलों के सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, एनएचएम के मंडलीय व जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कार्यक्रम अधिकारी आइसीडीएस, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर, जिला कोल्ड चेन हैंडलर, जिला स्तरीय डाटा इंट्री आपरेटर, जनपद स्तर पर कार्यरत सहयोगी संस्थाओं डब्ल्यूएचओ व यूनीसेफ के प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी गई।

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