उत्तर प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 56 लोगों की मौत, 46 लोग घायल

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-1,021 मकान क्षतिग्रस्त, फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत अधिक बारिश
लखनऊ ,उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई जिलों में शुक्रवार से शुरू हुई लगातार बारिश रविवार देर शाम तक जारी रही। मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में राज्य में 56 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 60 घंटों में प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई जिलों में घरों और फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश और तूफान से सीतापुर में सबसे अधिक सात लोगों की मौत हुई है। इसके बाद लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच मौतें दर्ज की गईं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार लोगों की जान गई है।
लगातार बारिश से प्रदेश में करीब 1,021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक 272 मकान हरदोई में प्रभावित हुए। इसके अलावा सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राज्य के 75 में से 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। कन्नौज में सामान्य से 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बरेली समेत कई जिलों में भी भारी बारिश हुई। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट आई और यह करीब 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
लगातार बारिश के कारण घाघरा और राप्ती नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, दोनों नदियों के कई निगरानी केंद्रों पर जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बाराबंकी के एल्गिनब्रिज में रविवार सुबह आठ बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.14 मीटर दर्ज किया गया, जो 106.07 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर था। वहीं अयोध्या में नदी का जलस्तर 91.73 मीटर के चेतावनी स्तर के मुकाबले 92.39 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर के बढ़कर 92.85 मीटर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था।
शुक्रवार से शुरू हुई बारिश रविवार देर शाम तक जारी रही। इसके बाद सोमवार को कई इलाकों में मौसम साफ हुआ और धूप खिली, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र रविवार को कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया। इसके कारण बारिश की तीव्रता में कमी आई। मौसम प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है और अगले 12 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, नदियों का बढ़ता जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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