उत्तराखंड़: पिछले 12 वर्षों से मई महीने में लगातार घट रही गर्मी

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देहरादून। उत्तराखण्ड के कई इलाकों में बीते 12 सालों से मई महीने का तापमान लगातार लुढ़क रहा है। वर्ष 2009 में मई का अधिकतम औसत पारा 43.4 डिग्री था, जो पिछले 12 सालों के अंतराल में 42 से 40 डिग्री के झूल रहा है। इस वर्ष मई के पहले सप्ताह का औसत देखें तो अधिकतम पारा 38 डिग्री दर्ज हुआ है, जो अब तक का सबसे सर्द रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो 33 सालों मई का अधिकतम पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं गया। 2009 में मई के तापमान ने 43 डिग्री पार किया था। फिर पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। इस बार मई के पहले सप्ताह में अधिकतम पारा 38 डिग्री पहुंच गया था, लेकिन एक हफ्ते में हुई अच्छी बारिश से मई ने ठंड का अहसास करा दिया है। अब तक तराई-भाबर में 45 एमएम और सिर्फ हल्द्वानी में 24 एमएम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह के अनुसार तापमान में गिरावट आने के पीछे मई में बारिश है। फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और आंशिक बादल रहेंगे।
जून-सितंबर में 100 फीसदी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में अल-नीनो का प्रभाव सामान्य है। जिस वजह से मानसून की न तो चाल बदलेगी, न मानसूनी बादलों से बारिश कम होगी। मानसून के आखिरी चरण में मानसूनी बादलों पर जुलाई और अगस्त में ला नीना का असर पड़ना शुरू हो जाएगा। बरसात बहुत अच्छी होगी। जून से सितंबर के दौरान 100त्न बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक सामान्य बारिश में 96-104 फीसदी के बीच बारिश होती है।
वर्ष तापमान
2009 43.4 (14)
2010 42.7(17)
2011 42.5(10)
2012 41.8(30)
2013 41.8(26)
2014 41.4(23)
2015 40.8(24)
2016 40.7(17)
2017 40.7(14)
2018 40.5(19)
2019 40.4(30)
2020 40.1 (11)
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में।

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