जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: वैश्विक हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर पब्लिक इंटर कॉलेज सुरखेत में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं को हाथों की स्वच्छता का महत्व बताते हुए बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए सही तरीके से हाथ धोने की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता की आदत अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर को वैश्विक हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2008 में ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप की ओर से की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और आमजन को हाथों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना तथा घरों, शिक्षण संस्थानों और समुदायों में साबुन से हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हाथों की नियमित सफाई कई बीमारियों और संक्रमणों से बचाव का सरल एवं प्रभावी तरीका है। भोजन करने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद और बाहर से घर लौटने पर साबुन अथवा हैंडवॉश से अच्छी तरह हाथ धोने चाहिए। इसके अलावा बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद भी हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। स्वच्छता की इन आदतों को अपनाकर स्वयं और परिवार को कई तरह के संक्रमणों से सुरक्षित रखा जा सकता है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन करने से पहले हाथ धोने की सही विधि का अभ्यास कराया गया। उन्हें बताया गया कि केवल पानी से हाथ धोना पर्याप्त नहीं है, बल्कि साबुन से हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास अच्छी तरह सफाई करना भी जरूरी है। विद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।