वन विभाग की टीम ने किया पश्चिमी व पूर्वी झण्डीचौड़ का निरीक्षण

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर निगम के वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडीचौड़ व वार्ड 39 पूर्वी झंडीचौडं का लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अधिकारियों व कर्मचारियों ने निरीक्षण
किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्ष 2012 से हाथी सुरक्षा दीवार बनाने की मांग कर रहे है, लेकिन अभी तक सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई है। जिस कारण हाथी
आये दिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे है। शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण अधिकांश किसान खेती को छोड़ रहे है। एक ओर तो सरकार
किसानोे की आय दोगुनी करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किये जा रहे है।
पार्षद सुखपाल शाह ने वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018 में क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री को वार्ड नंबर 37 एवं वार्ड
नंबर 39 में हाथी सुरक्षा दीवार की मांग को लेकर प्रस्ताव दिया था। किसानों की ओर से सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अभी तक
समस्या का निस्तारण नहीं हो पाया है। पार्षद ने कहा वर्ष 2012 में भी पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को भी हाथी सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन
सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वन सीमा से सटे वार्ड नंबर 37 वार्ड और वार्ड नंबर 39 के कृषक जंगली हाथी व सूअरों
से खासा परेशान है। किसानों की महीनों की मेहनत फसल को जंगली हाथी कुछ ही घंटों में बर्बाद कर देते है। उन्होंने कहा कि पांच माह पूर्व व्यापार संघ के
अध्यक्ष वीरेन्द्र भारद्वाज के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल वन मंत्री से मिला था। मंत्री के पीआरओ ने रेंजर को सुरक्षा दीवार का इस्टीमेंट बनाने को कहा था। वन
विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग से एनओसी भी मांगी गई थी। सुरक्षा दीवार बनाने में लोक निर्माण विभाग व उत्तर प्रदेश वन विभाग को को भी आपत्ति
नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित को देखते हुए जल्द से जल्द क्षेत्र में हाथी सुरक्षा दीवार का निर्माण किय जाना चाहिए। इस मौके पर वन विभाग के
फारेस्टर नरेन्द्र कुमार, डबल सिंह आदि मौजूद थे।

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