जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे ग्रास्टनगंज क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर वन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के माध्यम से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।

जंगल से सटे होने के कारण क्षेत्र में हाथी और गुलदार की आवाजाही बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने वन्यजीवों से होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों और अन्य वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्र में आवाजाही रोकने के लिए पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों, पार्षद जेपी ध्यानी, राजेश प्रकाश थपलियाल, संजय रावत, अजय बहुखंडी, गंगा राम देवरानी, रतन सिंह भंडारी और श्रीमती अंजू नेगी सहित अन्य लोगों ने वन्यजीव संरक्षण और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विभाग के रेंजर हरीश कुमार, वन दरोगा नेगी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।