मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, आदिवासी गांव पर हमले में तीन की मौत

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एहथियारबंद गुटों के बीच चली गोलीबारी, कई घरों को लगाई आग; सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी=
नई दिल्ली , मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई। अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने एक आदिवासी बहुल गांव पर हमला कर दिया, जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई। हमले के दौरान कई मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस के अनुसार, हथियारबंद लोगों के एक समूह ने लोइबोल खुल्लेन गांव पर अचानक हमला कर दिया। हमले के जवाब में वहां मौजूद दूसरे सशस्त्र समूह ने भी गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में तीन ग्रामीणों की जान चली गई।मृतकों की पहचान लेतखोंगाम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के रूप में हुई है। गोलीबारी के दौरान ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर आसपास के जंगलों की ओर भाग गए।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने गांव के कई घरों को निशाना बनाया, जिनमें कम से कम सात मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इसके अलावा ग्रामीणों की अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाके में तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।इस घटना की कुकी समुदाय की प्रमुख संस्था कुकी इनपी मणिपुर (्यढ्ढरू) ने कड़ी निंदा की है। संगठन के सचिव जांघाओलुन हाओकिप ने बयान जारी कर कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या और उनके घरों को नष्ट करना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
संगठन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी अपील की है।

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