बड़कोट। यमुनोत्री धाम की यात्रा इन दिनों चरम पर है लेकिन धाम तक पहुंचने वाला जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। राम मंदिर के समीप मानसून में क्षतिग्रस्त हुआ मार्ग दो माह बाद भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सका है। यात्रियों को वायरक्रेट के जाल के ऊपर से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
भीड़ के बीच यह व्यवस्था कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। कुली एजेंसी और यमुनोत्री धाम से जुड़े लोगों का आरोप है कि वायरक्रेट के जाल के बीच से गुजरते समय घोड़े-खच्चरों के पैर फंसने का खतरा बना हुआ है। पैदल यात्रियों को भी क्षतिग्रस्त हिस्से से होकर गुजरना पड़ रहा है। मार्ग के कई हिस्सों में बारिश के बाद आया मलबा और पत्थर अब भी पड़े हैं। वहीं, क्षतिग्रस्त रेलिंग भी कई स्थानों पर दुरुस्त नहीं की गई हैं। यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच मार्ग की यह स्थिति सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के दौरे लगातार होते रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा।