यमुनोत्री हाईवे के 10 संवेदनशील स्थानों का होगा स्थायी उपचार

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बड़कोट। यमुनोत्री धाम की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए हाईवे चौड़ीकरण के साथ भूस्खलन प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी उपचार की कवायद तेज हो गई है। एनएच के चीफ इंजीनियर रणजीत सिंह रावत ने अधिकारियों के साथ यमुनोत्री हाईवे-94 और 507 का स्थलीय निरीक्षण कर चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने चौड़ीकरण कार्य में आ रही दिक्कतों और विभिन्न स्थानों पर कार्य की प्रगति से चीफ इंजीनियर को अवगत कराया। उन्होंने पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच चिह्नित 10 भूस्खलन एवं संवेदनशील स्थानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इन स्थानों के स्थायी उपचार के लिए टीएचडीसी से वार्ता चल रही है। टीएचडीसी की ओर से इन प्वाइंटों की डीपीआर तैयार की जाएगी जिससे समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। वहीं सारीगाड़ में चौड़ीकरण से प्रभावित कंडारी मोटर मार्ग की मरम्मत के लिए पीएमजीएसवाई को पत्र भेजा गया है। एस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा। नौगांव-सौली के सिंकिंग जोन को लेकर भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही उपचार की दिशा तय होगी। चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

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