जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था के अलावा कराए जा रहे गैर शैक्षणिक कार्यों के विरोध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने रोष जताया है। संघ ने कहा कि ऑनलाइन गैर शैक्षणिक कार्यों और बैठकों के कारण विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकते। संघ ने चेतावनी दी कि शिक्षकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा कूच किया जाएगा।

शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भगत सिंह भंडारी और जिलामंत्री भोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में आयोजित बैठक में शिक्षकों ने कहा कि पढ़ाई के अलावा उनसे ऑनलाइन गैर शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं। इससे शिक्षकों का अधिकांश समय अन्य कार्यों में लग रहा है और विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षक अब ऑनलाइन होने वाली गैर शैक्षणिक बैठकों में भाग नहीं लेंगे। बैठक में विद्यालयों में कराए जा रहे सोशल ऑडिट का भी विरोध किया गया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सोशल ऑडिट टीम द्वारा विद्यालयों में अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पहले से ही एजी ऑडिट और आंतरिक ऑडिट की व्यवस्था है, ऐसे में सोशल ऑडिट का कोई औचित्य नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि इन समस्याओं को कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक गंभीरता से समाधान नहीं किया गया। संघ ने निर्णय लिया कि शिक्षक दिवस पर भी इन मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा कूच कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें मजबूती से रखी जाएंगी।