जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि शिक्षक समाज की दिशा और भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक बेहतर और संस्कारवान समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और चरित्र का भी निर्माण करते हैं।

पदमपुर स्थित एक बारात घर में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कोटद्वार के अध्यक्ष अजयपाल सिंह रावत, संरक्षक गिरिराज सिंह रावत और चंद्रशेखर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने विद्यार्थी जीवन और शिक्षक के रूप में बिताए दिनों की स्मृतियां साझा करते हुए अपने गुरुजनों को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज की रूपरेखा गढ़ने वाली पहली गुरु मां होती हैं और दूसरी गुरु शिक्षक एवं गुरुजन। मां बच्चों को जीवन के प्रथम संस्कार देती हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, अनुशासन और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य और समाज का निर्माण शिक्षकों के हाथों में है। ऋतु खंडूड़ी भूषण ने महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन देश के प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रेरणास्रोत है। शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी उनकी जिम्मेदारी है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कोटद्वार के अध्यक्ष अजयपाल सिंह रावत ने कहा कि सभी विद्यालयों के शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। संरक्षक गिरिराज सिंह रावत ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और उनके द्वारा दिए गए संस्कार विद्यार्थियों के जीवन की नींव बनते हैं।