जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी की अदालत ने चैक बाउंस के एक मामले में व्यक्ति को छ: माह का कारावास सुनाया है। साथ ही छ: लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा दी है।
मामले में लकड़ीपड़ाव निवासी रिहाना की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसमें उन्होंने बताया कि अहसान अहमद ने उनके पति को एक विवादित जमीन बेच दी। उन्हें जब जमीन में विवाद होने का पता चला तो उन्होंने अहसान से इस बारे में बात की। जिसके बाद अहसान ने जमीन के नाम पर ली गई रकम को जल्द वापस देने की बात कही और उन्हें सात लाख रुपये का चैक दे दिया। जब उन्होंने उक्त चैक को बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी में चल रही थी। गुरूवार को न्यायालय में मामले में आरोपित अहसान अहमद को चैक बाउंस में दोषी पाते हुए छ: माह का साधारण कारावास सुनाया। साथ ही छ: लाख के अर्थदंड की भी सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न किए जाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।