तेहरान, अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता के बीच ईरानी नौसेना ने एक नए हथियार के इस्तेमाल करने की चेतावनी दी है, जिससे उसके दुश्मन भयभीत हो सकते हैं। यह बात ईरान के नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान कही। ईरानी के साक्षात्कार के दौरान कहा कि इस्लामी गणराज्य बहुत जल्द दुश्मन सेनाओं का सामना एक ऐसे हथियार से करेगा जिससे दुश्मन बेहद डरे हुए हैं।
ईरानी ने कहा, जल्द ही, हम कुछ ऐसा ज़ाहिर करेंगे जिससे वे बहुत ज़्यादा डरते हैं- ठीक उनके अपने दरवाजे पर।मुझे उम्मीद है कि उन्हें दिल का दौरा नहीं पड़ेगा। कमांडर ईरानी ने साक्षात्कार में इस बात की भी पुष्टि की कि ईरान दानार नाम का एक भारी नौसैनिक जहाज भी बना रहा है। उन्होंने 1967 में एक ईरानी शिपयार्ड पर अमेरिका के हमले का जिक्र करके सबको याद दिलाया कि वे दशकों से इस काम में लगे हुए हैं।
कमांडर ने आगे कहा कि दुश्मन का मानना था कि वह ईरान के खिलाफ अपने युद्ध में कम से कम समय में 3 दिन से लेकर एक सप्ताह के भीतर, ही नतीजे हासिल कर लेगा, लेकिन अब यह धारणा सैन्य अकादमियों में एक मजाक बनकर रह गई है। उन्होंने अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के खिलाफ 7 मिसाइल अभियानों का जिक्र किया और बताया कि इस दौरान विमानवाहक पोत से अमेरिका हवाई अभियान चलाने में असमर्थ हो गया था।
कमांडर ईरानी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी को लेकर कहा कि अगर अमेरिका और करीब आता है, तो हम बिना देरी किए कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि नाकाबंदी के बावजूद भी कुछ जहाज हमारे बंदरगाहों से रवाना हो चुके हैं, और कुछ अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना द्वारा कुछ ईरानी जहाजों को अवैध रूप से जब्त करने की भी कड़ी निंदा की और उन्हें सोमाली समुद्री लुटेरों से भी बदतर बताया।
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