गोपेश्वर। चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। घटना मलारी में क्षेत्रपाल मंदिर के समीप अपराह्न करीब पांच बजे हुई, जब पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरककर हाईवे पर आ गिरा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। हाईवे बंद होने के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों ने जोखिम उठाते हुए मलबे और पत्थरों के ऊपर से पैदल आवाजाही कर अपने गंतव्य तक पहुंचने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर गिरे मलबे व बोल्डरों को हटाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग छह बजे मार्ग पर यातायात सुचारु कराया गया। बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि हाईवे को पूरी तरह खोल दिया गया है और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो गई है। यह सड़क चीन सीमा से लगे गांवों को जोड़ने वाली जीवनरेखा है।
जिले में अब भी दो सड़कें बंद
गोपेश्वर। बारिश के बाद भूस्खलन और भूधंसाव के कारण चमोली जिले की दो अन्य सड़कें अभी भी बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि कंडवालगांव-कफोली मल्ला मोटर मार्ग पांच जुलाई से किलोमीटर 11 पर हुए भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है। वहीं गैरसैंण-अगरचट्टी-स्यूंणी मल्ली सड़क 17 जुलाई से किलोमीटर दो, तीन और छह पर भूस्खलन तथा भूधंसाव के चलते बंद पड़ी है। उन्होंने बताया कि दोनों मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जल्द यातायात बहाल करने के लिए कहा गया है।