देहरादून, आज वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून से मुलाकात कर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के संदर्भ में एक लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय को कथित अवैध अतिक्रमण बताकर की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई, बरातघर, शौचालय एवं अन्य स्थानों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रशासन पहले पूरे मामले का पुन: स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन और सत्यापन कराए। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक विद्यालय को किसी भी प्रकार की कार्रवाई से सुरक्षित रखा जाए।
कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी को बताया कि इस विद्यालय में वर्तमान में 300 से अधिक बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि विद्यालय को ध्वस्त किया गया तो इन बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी और उनके सामने शिक्षा जारी रखने का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए विद्यालय को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों पर बिना पूर्ण सत्यापन और वास्तविक स्थिति का आकलन किए कार्रवाई करना उचित नहीं है। जिला प्रशासन से जनहित और बच्चों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशील एवं न्यायसंगत निर्णय लेने का अनुरोध किया गया।