कर्णप्रयाग। हिमालीय महाकुंभ श्री नंदा देवी राजजात 2027 में शामिल होने वाली देव डोलियों और छंतोलियों के आवेदन अभी से समिति को मिलने लगे हैं। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं की समितियों के पत्र शामिल हैं।
नौटी-कांसुवा से शुरू होने वाली श्रीनंदा देवी राजजात के आयोजन की मनौती बीते वसंत पंचमी को नौटी में हुई थी। इसमें राजकुंवरों ने 12 वर्ष बाद होने वाली श्रीनंदा देवी राजजात को अगस्त-सितंबर 2027 करने की घोषणा की। अब राजजात में शामिल होने वाली समितियों ने श्रीनंदा देवी राजजात समिति को पत्र सौंपने शुरू कर दिए हैं। समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने बताया कि सीमांत क्षेत्र की विभिन्न मंदिर समितियों ने चमोली व नैनीताल जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। मंदिर समिति लाता और दशोलीगढ़ दशमद्वार कालीमठ समिति कोट-कंडारा ने स्पष्ट किया कि उनकी डोलियां मुख्य राजजात में ही शामिल होंगी। वहीं पूजा समिति रविग्राम (ज्योतिर्मठ) की बदरीश छतोली, कल्प क्षेत्र भर्की-भेंटा (उर्गम) की छंतोली तथा श्री राम सेवक सभा मल्लीताल (नैनीताल) ने वर्ष 2027 की राजजात में अपनी सहभागिता का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही लाता मंदिर समिति ने यात्रा मार्ग के सुचारु संचालन के लिए भूमियाल देवता रास्ता, भोग मंडी, दाणु व काली माता मंदिर मार्ग के सौंदर्यीकरण के लिए कुल 39 लाख रुपये की विकास कार्ययोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने का आग्रह किया।