28 में से 22 सांसद हमारे साथ, काकोली घोष का दावा, आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात

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नई दिल्ली/कोलकाता टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके पास 28 में से 22 सांसदों का समर्थन हासिल है. इससे पहले ममता बनर्जी के करीबियों का दावा था कि काकोली घोष गलत नंबर का दावा कर रही हैं. रविवार को काकोली घोष ने साफ कर दिया है कि उनके पास पर्याप्त संख्या है और वे सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगी. उन्होंने कहा कि वे स्पीकर से अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता देने की अपील करेंगी.
घोष ने कहा, हम एक मीटिंग के लिए दिल्ली जा रहे हैं. हमारे साथ 22 सांसद हैं. स्पीकर ने हमें समय दिया है. हम सोमवार को उनसे मिलेंगे और एक अलग गुट के तौर पर मान्यता की मांग करेंगे. हालांकि उन्होंने उन दो अतिरिक्त सांसदों के नाम नहीं बताए, लेकिन घोष दस्तीदार ने कहा कि उनके गुट में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद उनके नामों का खुलासा किया जाएगा.
उन्होंने कहा, जो लोग पिछले चार-पांच सालों से पश्चिम बंगाल के हालात के खिलाफ ईमानदारी से अपनी राय रखते रहे हैं, वे हमारे संपर्क में हैं. अब हमारी संख्या 22 हो गई है. बागी गुट के सूत्रों ने बताया कि गुट की मीटिंग, जो पहले कोलकाता में होनी थी, अब दिल्ली में होगी. सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मीटिंग में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन दीघा-शंकरपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के आधिकारिक काम की वजह से उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने की संभावना कम है. ताजा दावा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी में जारी उथल-पुथल के बीच आया है. पार्टी के लोकसभा सांसदों के बीच फूट इस हफ्ते की शुरुआत में तब साफ हो गई, जब बागी सांसदों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से अलग रुख अपना लिया.
सोमवार को घोष दस्तीदार ने दावा किया था कि उन्हें लगभग 20 टीएमसी सांसदों का समर्थन हासिल है और यह ग्रुप केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस का समर्थन करना चाहता है. इसी बीच, शुक्रवार को 19 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आया.
हस्ताक्षर करने वालों में घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल थे.
दस्तावेज पर रचना बनर्जी और सायनी घोष के अलग-अलग हस्ताक्षर भी थे. सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग की है. हालांकि, स्पीकर के सचिवालय की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि पत्र मिला है या नहीं.
रविवार को सांसद सायोनी घोष और माला रॉय दिल्ली पहुंचीं. दिल्ली हवाईअड्डे पर सायोनी और माला, दोनों ने ही मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया. घोष ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को जवाब दूंगी, आपको नहीं.ÓÓ
इस घटनाक्रम से एक दिन पहले ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माने जाने वाले वरिष्ठ तृणमूल नेता एवं सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद बागी खेमे का दामन थाम लिया।
इस गुट ने पहले ही संकेत दिया था कि उसने केंद्र में एनडीए सरकार का समर्थन करने का फैसला किया है. शनिवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच हुई मुलाकात ने पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल के बीच नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया. इससे यह सवाल उठने लगे कि क्या अनुभवी सांसद उस बागी गुट में शामिल हो सकते हैं जो एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता चाहता है. जिन टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर दस्तावेज पर नहीं थे, उनमें अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आज़ाद, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और सजदा अहमद शामिल थे.

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