नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सोमवार को बड़ी मजबूती मिली हैं. मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री ने 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इन बसों के संचालन के साथ ही दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4,838 हो गई है, जबकि सार्वजनिक बसों का कुल बेड़ा अब 6,593 बसों तक पहुंच गया है. दिल्ली देश का ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं. जिन बसों को आज हरी झंडी दी गई ये सभी बसें 9 मीटर लंबी हैं. इन्हें विशेष रूप से उन मार्गों पर चलाया जाएगा, जहां बड़ी बसों का संचालन कठिन होता है.
इन बसों के शुरू होने से कॉलोनियों, मेट्रो स्टेशनों व प्रमुख बस टर्मिनलों के बीच लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिलेगी. इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते बेड़े से प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी. सरकार का लक्ष्य राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल व सुलभ बनाना है, जिससे अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय बसों का उपयोग करें. नई ई-बसों के शामिल होने से दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूती मिलने के साथ यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक व बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी.
कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी दिल्ली को ईवी राजधानी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. दिल्ली में देश के सभी राज्यों से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाता है. उन्होंने मंच से कहा कि इस साल के अंत तक दिल्ली में 7000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही वर्ष के अंत तक कुल 7500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. वर्ष 2029 तक दिल्ली में कुल 14,000 बसें दिल्ली की सड़कों पर चलाई जाएंगी.
राजधानी दिल्ली के नंद नगरी डिपो पर ऑटोमेटिक सिस्टम बनाया गया है. इस स्टेशन के जरिए वाहनों के फिटनेस की जांच होगी. गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से इस ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस टेस्टिंग स्टेशन से सालाना 72,000 वाहनों के फिटनेस की जांच होगी. इसके साथ ही गृह मंत्री ने दिल्ली में तीन नए बस डिपो का भी ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन किया.