मकान की खुदाई में मिला 35 किलो चांदी का खजाना? मजदूरों के इस बड़े दावे ने उड़ाए मकान मालिक के होश

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दमोह , मध्य प्रदेश के दमोह से एक बेहद हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां एक पुराने मकान की खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से ऐसा खजाना निकला है, जिसने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। फुटेरा वार्ड में रहने वाले एक स्कूल शिक्षक आलोक सोनी अपने पुराने पैतृक मकान को तुड़वाकर नया घर बनवा रहे थे। इसी दौरान खुदाई में चांदी का खजाना मिला। हालांकि, यह खजाना अब एक बड़े विवाद का कारण बन गया है, क्योंकि मकान मालिक जहां महज 42 चांदी के सिक्के मिलने की बात कह रहा है, वहीं वहां काम कर रहे मजदूरों ने 30 से 35 किलो चांदी मिलने का दावा कर प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
जमीन से निकला चांदी का मटका, मजदूरों ने पुलिस के सामने खोली पोल
इस पूरे मामले में उस वक्त एक बड़ा मोड़ आ गया, जब खुदाई कर रहे मजदूर खुद पुलिस थाने पहुंच गए और उन्होंने एक ऐसा खुलासा किया जिससे हड़कंप मच गया। मजदूर ओमप्रकाश अठ्या ने पुलिस को बताया कि शनिवार को खुदाई के दौरान पहले एक खाली घड़ा मिला, लेकिन जब और गहराई में खोदा गया तो एक बड़ा मटका सामने आया। मजदूरों का दावा है कि इस मटके के अंदर भारी मात्रा में चांदी के सिक्के और चांदी की रॉड भरी हुई थीं, जिसका कुल वजन करीब 30 से 35 किलोग्राम था। मजदूरों का आरोप है कि इतना बड़ा खजाना मिलने के बाद मकान मालिक ने उन्हें धमकाया और सारा सामान एक बाल्टी में भरकर छिपा लिया। शाम को घर जाते वक्त मजदूरों को केवल 500-500 रुपए देकर विदा कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने गांव वालों की सलाह पर पुलिस की शरण ली।
प्रशासन ने सील किए दो मकान, पुरातत्व विभाग ने बताई सिक्कों की असली कीमत
करोड़ों रुपये के इस भारी-भरकम खजाने की भनक लगते ही पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए। आनन-फानन में प्रशासन और पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से 42 सिक्के बरामद कर लिए हैं और एहतियात के तौर पर दो मकानों को सील कर दिया है। भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक शुभम अरजरिया के अनुसार, जो सिक्के बरामद हुए हैं वे ब्रिटिश हुकूमत काल के हैं और 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। ऐतिहासिक और पुरातत्व की दृष्टि से ये सिक्के बेहद बेशकीमती हैं।
खुद थाने पहुंचा था मकान मालिक, पुलिस जांच में जल्द खुलेगा खजाने का राज
इस मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि मजदूरों के थाने पहुंचने से पहले खुद मकान मालिक और स्कूल शिक्षक आलोक सोनी पुलिस के पास पहुंचे थे और उन्होंने 42 सिक्के मिलने की सूचना दी थी। आलोक सोनी का कहना है कि कुल 42 सिक्के ही मिले हैं और मजदूरों द्वारा 35 किलो चांदी मिलने का दावा पूरी तरह से झूठा और एक षड्यंत्र है। वहीं, तहसीलदार रघुनन्दन चतुर्वेदी और थाना प्रभारी कोतवाली मनीष कुमार ने बताया कि फिलहाल 42 सिक्कों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, लेकिन 35 किलो चांदी के दावे को लेकर गहन जांच जारी है। तहकीकात पूरी होने के बाद ही इस पूरे रहस्य से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर असली खजाना कितना था और बाकी की चांदी कहां गई।

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