वैभव सूर्यवंशी के साथ दोहराई जाएगी 37 साल पुरानी कहानी, बीसीसीआई ने उठाया बड़ा कदम

Spread the love

नईदिल्ली, वैभव सूर्यवंशी के साथ 37 साल पुरानी एक खास कहानी दोहराई जाएगी। 1989 में जब 16 वर्षीय सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान दौरे पर गए थे, तब उनके भाई अजित तेंदुलकर भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए वहां पहुंचे थे। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 15 साल के वैभव के लिए बड़ा कदम उठाते हुए उनके माता-पिता को विदेशी दौरे पर साथ रहने की अनुमति दे दी है। उन्हें मानसिक मजबूती देने के लिए ये फैसला लिया गया है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड आमतौर पर खिलाड़ियों के साथ उनके माता-पिता को दौरे पर जाने की अनुमति नहीं देता। वैभव के मामले में विशेष अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें सीनियर टीम के साथ चुना गया है। वह अभी नाबालिग हैं और सीनियर टीम के अन्य खिलाड़ी वयस्क हैं। ऐसे में बोर्ड ने उचित समझा कि उनके माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य उनके साथ श्रीलंका जा सके।
सैकिया ने आगे कहा, हम वैभव के माता-पिता से अनुरोध करेंगे। अगर वे साथ जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। दरअसल, उनके पिता कल श्रीलंका जा रहे हैं। इसके बाद यदि वे इंग्लैंड भी जाना चाहें तो बीसीसीआई उसका समर्थन करेगा, क्योंकि वह अभी बच्चा है। उसे घुलने-मिलने और माहौल में ढलने के लिए कुछ समय चाहिए। यह सुविधा सभी खिलाड़ियों को नहीं दी जाती, लेकिन वैभव सिर्फ 15 साल के हैं इसलिए उनका सहज महसूस करना जरूरी है।
15 साल और 71 दिन के वैभव को भारतीय टीम में जगह मिली है। वह भारतीय टीम (पुरुष) में चयन होने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्हें 16 साल और 194 दिन की उम्र में टीम में जगह मिली थी। उन्होंने 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू किया था। शफाली वर्मा 15 साल और 220 दिन की उम्र में महिला टीम में चुनी गईं थी।
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, वह बहुत खुश हैं। उसके लिए सभी अच्छा बोलते हैं। बच्चे ने इसी के लिए इतनी मेहनत की थी। उसका फल बच्चे को मिला। अब पूरे बिहार का, पूरे देश के लोगों का आशीर्वाद उसके साथ है। देश को अगर जीत दिलाता है, वही मेरे लिए सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। वही हम चाहते हैं। जब तक खेले, देश के लिए खेले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *