रांची,झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर भारतीय हॉकी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. हॉकी इंडिया द्वारा जापान के काकामिगाहारा में 29 मई से 6 जून तक आयोजित होने वाले महिला अंडर -18 एशिया कप के लिए घोषित 18 सदस्यीय भारतीय टीम में झारखंड की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के चयन से राज्य में खुशी और गर्व का माहौल है.
चयनित सभी खिलाड़ी झारखंड सरकार द्वारा संचालित खेल प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं. इनमें सिमडेगा, खूंटी और रांची जिले की प्रतिभाशाली बेटियां शामिल हैं, जिन्होंने लगातार मेहनत और बेहतर प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है. ये खिलाड़ी पिछले एक महीने से भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रही थीं.
भारतीय टीम में झारखंड से जिन खिलाड़ियों का चयन हुआ है उनमें मिडफील्डर पुष्पा मांझी, फॉरवर्ड संदीपा कुमारी, मिडफील्डर श्रुति कुमारी, डिफेंडर सुगन सांगा, डिफेंडर नीलम टोपनो और गोलकीपर खिल्ली कुमारी शामिल हैं. इन खिलाड़ियों ने पिछले दो वर्षों से लगातार राष्ट्रीय सब-जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में हॉकी झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है.
हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि झारखंड की मजबूत हॉकी परंपरा और प्रशिक्षण व्यवस्था का परिणाम है. उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों से निकलकर बेटियां अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है. वहीं हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने भी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा झारखंड के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह चयन बताता है कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. हमें विश्वास है कि हमारी बेटियां जापान में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगी.
खेल विभाग के अधिकारियों ने भी खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई है. विभाग का कहना है कि सरकार ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. इसका सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल रहा है.
भारतीय महिला अंडर -18 टीम ने एशिया कप से पहले भोपाल में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया, जहां खिलाड़ियों ने फिटनेस, रणनीति और टीम संयोजन पर विशेष अभ्यास किया. टीम को पूर्व भारतीय कप्तान और स्टार खिलाड़ी रानी रामपाल का मार्गदर्शन भी मिला. टूर्नामेंट की तैयारी के तहत भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की सीरीज भी खेली.
इस प्रतियोगिता में भारत को पूल-ए में रखा गया है. भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 30 मई को मलेशिया के खिलाफ खेलेगी. इसके बाद 31 मई को कोरिया और 2 जून को सिंगापुर से मुकाबला होगा. पूल की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी, जबकि फाइनल मुकाबला 6 जून को खेला जाएगा.
भारतीय टीम की कप्तानी स्वीटी कुजूर को सौंपी गई
भारतीय टीम की कप्तानी स्वीटी कुजूर को सौंपी गई है. टीम प्रबंधन का मानना है कि युवा खिलाड़ियों का यह समूह एशिया कप में मजबूत चुनौती पेश करेगा. कोच रानी रामपाल ने कहा है कि टीम निडर हॉकी खेलने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी.
खिलाड़ियों में गोलकीपर महक परिहार और खिल्ली कुमारी, डिफेंडर सुगन सांगा, नीलम टोपनो, रुबीना बक्सला, किरण एक्का और सुलोचनी शामिल हैं. वहीं मिडफील्ड में श्रुति कुमारी, दिया, स्नेहा डावड़े, रश्मीन कौर, नममी गीताश्री और पुष्पा मांझी को जगह मिली है. फॉरवर्ड लाइन में नुशीन नाज़, स्वीटी कुजूर, प्रियंका मिंज, संदीपा कुमारी और नैंसी सरोहा शामिल हैं.
झारखंड की इन छह बेटियों के चयन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य हॉकी प्रतिभाओं की धरती है. अब पूरे राज्य की नजरें जापान में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट पर टिकी हैं, जहां ये खिलाड़ी तिरंगा लेकर भारत का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी.