धनगढ़ी पुल के बाद अब पन्याली नाले पर उठा सवाल

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अल्मोड़ा, जिले के धनगढ़ी नाले पर पुल के लोकार्पण के बाद अब सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने मोहान-मरचूला राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर स्थित पन्याली नाले पर स्थायी पुल निर्माण की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धनगढ़ी पुल बनने से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है लेकिन पन्याली नाला आज भी हर मानसून में लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मोहान से मरचूला की ओर स्थित पन्याली नाला बारिश के दौरान उफान पर आ जाता है जिससे घंटों यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। सल्ट, धुमाकोट, मैठाणाघाट, बीरोंखाल, बैजरो, थलीसैंण, पौड़ी समेत गढ़वाल और कुमाऊं के बीच आवागमन करने वाले सैकड़ों वाहन, पर्यटक और एंबुलेंस रास्ते में फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धनगढ़ी पहुंचने से पहले पन्याली नाले को पार करना सबसे कठिन पड़ाव बन जाता है।
ग्रामीण राजेश कंडारी ने बताया कि कई बार नाले का पानी मोहान बाजार और पुलिस चौकी तक पहुंच जाता है जिससे सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। लोक निर्माण विभाग हर वर्ष जेसीबी मशीन तैनात कर नाले की सफाई कराता है लेकिन इससे केवल अस्थायी राहत मिलती है। अन्य लोगों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी गंभीर मरीजों को होती है। पर्वतीय क्षेत्रों से रेफर किए गए मरीज, गर्भवतियां और सड़क दुर्घटना के घायल घंटों तक नाले के शांत होने का इंतजार करने के लिए मजबूर हो जाते हैं जिससे उनकी जान पर भी बन आती है।
विजय उनियाल ने कहा कि पन्याली नाला धनगढ़ी से भी अधिक खतरनाक है। हर वर्ष यहां दुर्घटनाएं होती हैं। कई लोग तेज बहाव में बह चुके हैं और वाहन भी नाले में फंसने या पलटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, धनगढ़ी पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील टम्टा, राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र नेगी, देवेंद्र रावत, हिम्मत सिंह समेत अन्य क्षेत्रवासियों ने सरकार से पन्याली नाले पर शीघ्र पुल निर्माण कराने की मांग की है।

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