अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री कर्मियों ने किया प्रदर्शन

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बागेश्वर। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री के कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय में मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि दो महीने से ई-रवन्ना जारी नहीं हो रहे हैं। इस कारण परेशानी हो रही है। 500 कर्मचारियों पर रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। उन्होंने जिलधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। फैक्ट्री कर्मी बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि फैक्ट्री की स्थापना 1972 में हुई थी। तब से यह उद्योग बागेश्वर से लेकर अल्मोड़ा तक के लोगों को रोजगार देता रहा है। छह जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने जिले के सोप स्टोन खदानों में अवैज्ञानिक खनन के चलते उनकी कंपनी में खनन कार्य बंद कर दिया। कंपनी के बंद होने से 500 कर्मचारी बेरोजगार हो गए। कंपनी 20 करोड़ घाटे में चली गई। सरकार ने 26 फरवरी 2026 कंपनी को न्यायालय के आदेश दोबारा खोला गया। दो महीने से खनन की रॉयल्टी जमार नहीं होने से फैक्ट्री अभी तक बंद है। मिनरल नहीं मिलने से उन्हें वेतन तक नहीं मिल रहा है। प्रबंधक वर्ग का कहना है कि 48 लाख की रॉयल्टी जमा करनी है।जब तक रॉयल्टी जमा नहीं होती तब तक ई-रवन्ना नहीं खुलेंगे। उन्होंने जिलाधिकारी से कंपनी की स्थिति को देखते हुए समस्या दूर करने की मांग की है। इस मौके पर अध्यक्ष शांति लाल, सचिव गायत्री प्रसाद सुरेंद्र लाल, सुरेंद्र सिंह करावत, नवीन नेगी, हर्ष रौतेला, मनोज कुमार, विक्रम सिंह, मनोज जनौटी, भूपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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