अरोड़वंश के प्रवर्तक अरुट महाराज की जयंती पर उन्हें याद किया

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संवाददाता, ऋषिकेश। अरोड़ वंश बिरादरी ने अरोडवंश प्रवर्तक अरुट महाराज की जयंती पर उन्हें याद किया। वक्ताओं ने बिरादरी के लोगों से अरुट महाराज के बताए गए रास्ते पर चलते हुए समाज सेवा करने एवं समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। रविवार को तिलक मार्ग स्थित अरोड़ वंश बिरादरी भवन में अरोडवंश के प्रवर्तक अरुट महाराज की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। बिरादरी अध्यक्ष राजेश कुमार ढींगरा ने कहा कि अरोडवंशी भगवान श्रीराम के वंशज हैं। भगवान श्रीराम के पुत्र लव की वंशावली में अरुट महाराज का प्रादुर्भाव था। अरुट महाराज का किला सिंधु नदी के तट पर अरोड कोट के नाम से है। अरोड वंशी क्षत्रिय अरुट महाराज के अनुयाई होने के कारण अरोड़ा कहलाए। अरोड़ समाज में ऊंच-नीच का कोई भेदभाव नहीं है। अरोड़ वंश में 811 जातियां वह 361 उपजातियां हैं, जो कि देश व विदेश के विभिन्न प्रान्तों में निवास कर रही हैं। तथा अपने-अपने राज्यों की उन्नति में भी योगदान दे रही है। इस दौरान सभी ने अरुट महाराज के चित्र पर माल्यार्पण किया व इस उपरांत मिष्ठान वितरण किया गया। मौके पर बिरादरी के उपाध्यक्ष राजेश कालरा, हासचिव ओमप्रकाश टूटेजा, सह सचिव राकेश कुमार रावल, कोषाध्यक्ष रविदास मखीजा, गोपाल नारंग, राजीव अरोड़ा, प्रदीप टुटेजा, कमल कालड़ा आदि उपस्थित थे।

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