जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही बंदर आक्रामक होने लगे हैं। पिछले चार दिन से बेस अस्पताल में बंदर के काटे हुए लोगों की तादाद बढ़ने लगी है। बेस अस्पताल में प्रतिदिन दस से पंद्रह व्यक्ति एंटी रेबीज का टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। यही नहीं खूंखार होते बंदरों के कारण आमजन का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल होता जा रहा है।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसा वार्ड हो जहां उत्पाती बंदरों के झुंड न दिखाई दें। सुबह से ही बंदर घरों में उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। बंदरों के कारण वार्डवासियों का अपने घरों की छत पर कपड़े व अनाज सुखाना भी मुश्किल हो गया है। यही नहीं, बंदरों के डर से बच्चों ने घर के बाहर खेलना भी छोड़ दिया है। अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने व लेने के लिए साथ में जाना पड़ रहा है। बंदरों ने घरों के बाहर खेतों में लगाई गई साग-सब्जियों को भी बर्बाद कर दिया है। दरवाजे खुले होने पर बंदरों का झुंड घर के अंदर पहुंच जाता है। दरअसल, गर्मी बढ़ने से जानवरों में भी डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। पानी की कमी से वह आक्रामक हो जाते हैं। पूर्व में शहरवासियों के प्रदर्शन के बाद भी सरकारी सिस्टम ने इस समस्या को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
लगातार बढ़ रहे हमले
क्षेत्र में उत्पाती बंदरों व कुत्तों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में प्रतिदिन दस से पन्द्रह व्यक्ति कुत्तों व बंदरों के हमले में घायल पहुंच रहे हैं। यही नहीं, घायल जन निजी अस्पतालों में भी उपचार करवा रहे हैं। गर्मी में लगातार बढ़ते आंकड़े ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने नगर-निगम व प्रशासन से समस्या को लेकर गंभीरता दिखाने की मांग की है।
24 घंटे में लगवाएं टीका
चिकित्सकों के अनुसार कुत्ता व बंदर अगर हमला कर दें तो घबराएं नहीं। कुत्ते अथवा बंदर काटने के बाद घाव को साबुन से अच्छी तरह साफ करें। घाव पर कपड़ा या पट्टी न बांधे। 24 घंटे के भीतर चिकित्सालय में पहुंच एंटी रैबीज का इंजेक्शन अवश्य लगाए। राह में चलते समय कुत्तों व बंदरों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें।