हरिद्वार। श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार के मामले में वन विभाग अब मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां की रिमांड मिलने का इंतजार कर रहा है। वन विभाग ने कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दाखिल कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड मिलने के बाद आरोपी से पूछताछ में बाघों के कटे पंजों और शिकार से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। वन विभाग के अनुसार अब तक दोनों बाघों के पंजे बरामद नहीं हो सके हैं। जांच में सामने आया है कि बाघों के पंजे काटने का काम मुख्य आरोपी आमिर हमजा ने ही किया था। हालांकि वन विभाग की टीम ने पंजे काटने में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मृत भैंस पर डाला गया जहरीला पदार्थ बरामद कर लिया है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि खेतीबाड़ी में इस्तेमाल होने वाले केमिकल का उपयोग जहर के रूप में किया गया था। इसके बाद आरोपियों ने धारदार हथियार से बाघों के पंजे काट लिए थे। गौरतलब है कि बीती 18 और 19 मई को श्यामपुर रेंज के जंगल में करीब दो वर्ष आयु के दो बाघों के शव बरामद हुए थे। मामले मेंश्यामपुर रेंज के रेंजर विनय राठी, एक फॉरेस्टर और एक फॉरेस्ट गार्ड को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। रेंज अधिकारी विनय राठी को हरिद्वार डीएफओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वन विभाग की टीम अब तक आमिर हमजा के चार साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी आमिर हमजा वन विभाग को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर चुका है。
पंजे काटने में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मृत भैंस पर डाला गया जहरीला पदार्थ बरामद कर लिया गया है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि बाघों के पंजों की जानकारी आमिर हमजा उर्फ मियां को ही है। उसकी रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। – स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ हरिद्वार