आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली नई गति, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पांच डिजिटल पहलें शुरू

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-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने किया शुभारंभ, छोटे क्लीनिकों से लेकर मरीजों तक पहुंचेगी आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा
नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इनमें ई-सुश्रुतञ्चक्लीनिक, औषधि पंजी, आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान सारथी व्हाट्सऐप संवाद सहायक तथा एकीकृत स्वास्थ्य अंतरफलक (यूएचआई) शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी, आपस में जुड़ी हुई तथा नागरिक-केंद्रित बनाना है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ये सभी मंच स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाकर स्वस्थ भारत तथा डिजिटल रूप से सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
ई-सुश्रुतञ्चक्लीनिक : छोटे अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए डिजिटल समाधान
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा विकसित ई-सुश्रुतञ्चक्लीनिक एक हल्का, क्लाउड आधारित अस्पताल प्रबंधन सूचना तंत्र है। इसे विशेष रूप से छोटे बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) क्लीनिकों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा उप-केंद्रों के लिए तैयार किया गया है।
यह प्रणाली मरीजों का पंजीकरण, शुल्क निर्धारण, चिकित्सकीय अभिलेख तैयार करना, बोलकर लिखने की सुविधा, चिकित्सकीय निर्णय सहयोग तथा प्रतिवेदन तैयार करने जैसी प्रक्रियाओं को स्वत: संचालित करती है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में सूचना प्रौद्योगिकी का अलग ढांचा नहीं है, वहां भी इसका उपयोग आसानी से किया जा सकेगा। अब तक 800 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सी-डैक के बीच हुए समझौते के अनुसार यह सॉफ्टवेयर पहले तीन माह तक नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। इसके बाद पांच उपयोगकर्ताओं के लिए मात्र 299 रुपये प्रतिमाह के रियायती शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा।
औषधि पंजी : दवाओं की प्रमाणित डिजिटल जानकारी का राष्ट्रीय भंडार
नई औषधि पंजी देशभर में दवाओं से संबंधित प्रमाणित जानकारी का एक मानकीकृत डिजिटल भंडार होगी। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन तथा इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य अभिलेख मानक राष्ट्रीय संसाधन केंद्र के सहयोग से विकसित किया है।
इस पंजी में वर्तमान में 1.23 लाख से अधिक ब्रांडेड दवाएं, 10 हजार से अधिक जेनेरिक दवाएं तथा लगभग 29 हजार औषधीय घटकों का विवरण उपलब्ध है। इससे दवाओं की सही पहचान सुनिश्चित होगी, औषधि संबंधी त्रुटियों में कमी आएगी तथा विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
आरोग्य सेतु 2.0 : अब बनेगा व्यक्तिगत स्वास्थ्य अभिलेख मंच
कोविड-19 महामारी के दौरान विकसित आरोग्य सेतु अनुप्रयोग को अब एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य अभिलेख मंच के रूप में विकसित किया गया है।
इसमें नागरिक अपना आभा (एबीएचए) खाता बना और संचालित कर सकेंगे। साथ ही चिकित्सा अभिलेख सुरक्षित रख सकेंगे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से जांच रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे, स्मार्ट घड़ी जैसे पहनने योग्य उपकरणों से स्वास्थ्य की निगरानी कर सकेंगे तथा दवा सेवन की याद दिलाने वाली सुविधा प्राप्त करेंगे।

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