नई दिल्ली ,। राजधानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण परियोजना पूरी हो गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवनिर्मित बारापुला फेज-3 ऊपरी मार्ग का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया। करीब 3.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। उद्घाटन कार्यक्रम संक्षिप्त रहा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री ने मार्ग का उद्घाटन करने के बाद वहां से प्रस्थान किया।
करीब एक दशक की देरी और कई अड़चनों के बाद तैयार हुआ यह ऊपरी मार्ग मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। यमुना के ऊपर निर्मित यह ढांचा दिल्ली के प्रमुख पुलों में शामिल हो गया है। परियोजना का उद्देश्य पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात को वैकल्पिक और अधिक सुगम मार्ग उपलब्ध कराना है।
बारापुला फेज-3 को पहले से संचालित बारापुला फेज-1 और फेज-2 से जोड़ दिया गया है। इससे मयूर विहार से एम्स और आईएनए तक करीब नौ किलोमीटर का मार्ग यातायात संकेतों से अपेक्षाकृत मुक्त हो गया है। इससे पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को कई प्रमुख चौराहों के जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के शुरू होने से यात्रा समय में भी कमी आने का दावा किया जा रहा है। अब तक मयूर विहार से एम्स या सफदरजंग अस्पताल की ओर जाने में व्यस्त समय के दौरान 45 से 60 मिनट तक लग जाते थे। नए मार्ग के जरिए यह दूरी करीब 15 से 20 मिनट में तय होने की उम्मीद है।
नए मार्ग के शुरू होने से रिंग रोड, आईटीओ, आश्रम चौक और भैरों मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है। इससे सुबह और शाम कार्यालय जाने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। यातायात की गति बढ़ने से वाहनों के ईंधन की खपत में कमी आने और वायु प्रदूषण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
परियोजना के निर्माण में यमुना के बहाव क्षेत्र और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। पुल पर करीब 125 मीटर लंबे खंभों के बीच का फैलाव रखा गया है, ताकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह और संरचना पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। मार्ग पर साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी अलग सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था की गई है।