अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : बैंकिंग व्यवस्था में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को आवाज बुलंद की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले कर्मचारियों ने बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर एकत्र होकर सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

कर्मचारियों का कहना था कि बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर लंबे समय से चर्चा और सहमति का दौर चल रहा है, लेकिन प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन देने के लिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रोत्साहन राशि के वितरण में समानता नहीं है और शाखा स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने पीएलआई व्यवस्था की समीक्षा कर सभी स्तर के कर्मचारियों के साथ न्याय करने की मांग की। इसके अलावा बैंक शाखाओं में चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने तथा सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों की पेंशन को संशोधित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि इन मांगों को लंबे समय से संबंधित स्तर पर उठाया जा रहा है, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित गति नहीं दिखाई दे रही है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को नजर अंदाज किया गया तो संगठन स्तर पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन में उत्तरांचल बैंक एम्पलाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक मंत्री वीरेंद्र सिंह रावत, यूएफबीयू नगर संयोजक डीपीएस बिष्ट, भीम प्रसाद, शुभम बिष्ट, कुलदीप चौधरी, जेपी भट्ट, सविता कोटनाला, रिचा रावत, मुन्नी देवी, कुलदीप गुसाईं, तपस्या जखमोला, दलवीर सिंह, मायाराम, मदन मोहन, सुरेंद्र गुसाईं, कमल पंत, जयपाल सिंह गुसाईं और शार्दुल कंडारी सहित अन्य बैंक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।