देहरादून। चकराता विधानसभा क्षेत्र में योजनाओं को लेकर भाजपा के भीतर चल रहा विवाद अब पार्टी के प्रदेश कार्यालय तक पहुंच गया है। रविवार को मंत्री खजान दास के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद सोमवार को चकराता क्षेत्र से भाजपा में शामिल होने पहुंचे करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की प्रस्तावित जॉइनिंग नहीं हो सकी। प्रदेश कार्यालय पहुंचे लोग बिना सदस्यता ग्रहण किए ही वापस लौट गए।
बताया जा रहा है कि चकराता विधानसभा क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक लोग भाजपा में शामिल होने के लिए प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। उन्हें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और दर्जाधारी गीता राम गौड़ के नेतृत्व में कार्यालय लाया गया था। इसी दौरान घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
मंत्री खजान दास के पहुंचते ही बदला माहौल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री खजान दास को जब चकराता से आए लोगों की प्रस्तावित जॉइनिंग की जानकारी मिली तो वह भी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने जॉइनिंग कार्यक्रम का विरोध किया। इसके बाद जॉइनिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और चकराता से पहुंचे लोगों को बिना सदस्यता लिए वापस लौटना पड़ा। हालांकि, भाजपा संगठन की ओर से जॉइनिंग रोके जाने के संबंध में विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए इस घटनाक्रम को लेकर सामने आ रही राजनीतिक वजहों को फिलहाल रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
एक दिन पहले मंत्री के आवास
पर हुआ था प्रदर्शन
जॉइनिंग प्रकरण से ठीक एक दिन पहले रविवार को चकराता क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण मंत्री खजान दास के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने चकराता क्षेत्र में अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित योजनाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए थे।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री मधु चौहान ने किया था। प्रदर्शनकारियों ने योजनाओं के चयन और कार्यों के आवंटन को लेकर सवाल उठाए तथा मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की बात भी कही थी।
आरोपों के बीच मंत्री का कड़ा जवाब
विवाद के बीच मंत्री खजान दास ने आरोपों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या तक करने की बात कही।
दूसरी ओर, मंत्री का पक्ष यह रहा है कि योजनाएं प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत की गई हैं और वह पूरे प्रदेश के मंत्री हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
अब जॉइनिंग रुकी तो बढ़ी राजनीतिक चर्चा
चकराता में योजनाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उसके अगले ही दिन करीब 60 लोगों की प्रस्तावित भाजपा जॉइनिंग का रुकना संगठन के भीतर चर्चा का विषय बन गया है।
एक तरफ कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है, वहीं दूसरी तरफ जॉइनिंग कार्यक्रम के रुकने से चकराता भाजपा की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा प्रदेश संगठन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और चकराता से आए इन लोगों की सदस्यता को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।