भगवान श्रीराम के जीवन से मिलती है मर्यादित आचरण, अनुशासन की सीख

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : रामलीला की द्वितीय संध्या का शुभारंभ शिव शंकर की स्तुति ‘ओंकार घन न न भव दिगंबरा’ से हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि बीआरएमएस मॉडर्न स्कूल के प्रबंधक दामोदर दास ममगाईं ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादित आचरण, अनुशासन की सीख मिलती है। वर्तमान समय में समाज को भगवान राम के जीवन के आदर्शों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।


इस दौरान कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। ताड़का के अभिनय में नीरज नेगी ने खूब वाहवाही बटोरी। वहीं राम की भूमिका में दीपक बिष्ट और लक्ष्मण की भूमिका में राहुल नेगी का अभिनय भी प्रभावशाली रहा। रामलीला में विश्वामित्र की भूमिका पारस, सुबाहू की कृष, मारीच की प्रज्जवल और अहिल्या की भूमिका वैभवी चमोली ने निभाई। इस मौके पर समिति अध्यक्ष उमाचरण बर्थवाल, उपाध्यक्ष मनोज रावत अंजुल, सचिव राम सिंह रावत, सह सचिव शिव चंद गुलाटी, गणेश रावत, विक्रम गुसाईं आदि मौजूद रहे।

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