नई दिल्ली ,। भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में एक बड़ा कदम उठाते हुए सीबीआई की टीम ने मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ को अपनी कस्टडी में ले लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी समर्थ को वापस कटारा हिल्स थाने लेकर पहुंची है, जहां इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उससे नए सिरे से सघन पूछताछ की जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई की इस एंट्री को बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि एजेंसी अब तक के साक्ष्यों और बयानों की कड़ियों को जोड़कर मौत के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।
घर पहुंचते ही फूट-फूटकर रोया समर्थ, कहा- ’10त्न जांच बाहर भी करोÓ
सीबीआई और एसआईटी (स्ढ्ढञ्ज) की जांच के दौरान समर्थ के व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सूत्रों के मुताबिक, जब जांच टीम कुछ जरूरी दस्तावेज और सबूत जुटाने के लिए समर्थ को उसके घर लेकर पहुंची, तो वह अधिकारियों के सामने ही फूट-फूटकर रोने लगा। खुद को बेकसूर बताते हुए समर्थ ने अधिकारियों से कहा कि, “ट्विशा की मौत की 90त्न जांच केवल इस घर तक ही सीमित कर दी गई है, अगर सिर्फ 10त्न जांच घर से बाहर के पहलुओं पर भी कर ली जाए, तो पूरा सच दुनिया के सामने आ जाएगा।”
अंतिम संस्कार में शामिल न होने पर जताया दर्द, 13 दिन बाद बदला व्यवहार
ट्विशा की मौत के 13 दिन बाद यह पहली बार था जब समर्थ इस तरह कैमरे और अधिकारियों के सामने भावुक नजर आया। उसने ट्विशा के अंतिम संस्कार को लेकर भी अपनी नाराजगी और दर्द जाहिर किया। उसने रोते हुए जांच अधिकारियों से सवाल किया, “क्या मुझे पति होने के नाते उसका चेहरा आखिरी बार देखने का भी अधिकार नहीं था?” हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियां उसके इस भावुक व्यवहार को केवल एक पैंतरा मानकर चल रही हैं।
ष्टक्चढ्ढ की स्नढ्ढक्र में बेहद संगीन खुलासे: जबरन गर्भपात और चरित्र पर कीचड़ उछालने का आरोप
दूसरी तरफ, सीबीआई द्वारा री-रजिस्टर की गई एफआईआर (स्नढ्ढक्र) में ट्विशा के मायके वालों ने समर्थ और उसके परिवार पर रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने शादी में अपनी हैसियत से कहीं ज्यादा दहेज दिया था और विदाई के समय समर्थ की मां गिरीबाला सिंह को 2 लाख रुपए नकद भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में जब ट्विशा गर्भवती हुई, तो पति समर्थ और सास गिरीबाला ने उसके चरित्र पर गंदे सवाल उठाए। उन्होंने होने वाले बच्चे को ‘किसी दूसरे काÓ बताते हुए ट्विशा पर मानसिक दबाव बनाया और उसका जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) करवा दिया।
संदिग्ध मौत वाले दिन सास ने काट दिए थे परिजनों के फोन
यह दर्दनाक घटना 12 मई 2026 को भोपाल के बागमुंडलिया स्थित घर में हुई, जहां ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। मायके पक्ष का दावा है कि घटना की रात जब उन्होंने ट्विशा से बात करने के लिए कई बार फोन किया, तो उसकी सास ने बात कराने के बजाय हर बार कॉल काट दी। परिवार का आरोप है कि इसी लगातार मिल रही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर ट्विशा ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
व्हाट्सएप चैट ने खोली पोल, ‘बायपोलर डिसऑर्डरÓ की दलील पड़ी कमजोर
इससे पहले पुलिस रिमांड के दौरान 3 दिनों में समर्थ से करीब 10 घंटे की कड़ी पूछताछ की गई थी। उस पूछताछ में समर्थ ने दावा किया था कि ट्विशा ‘बायपोलरÓ और ‘एडजस्टमेंट डिसऑर्डरÓ जैसी मानसिक बीमारियों से जूझ रही थी और डॉक्टर की सलाह पर डिप्रेशन की दवाएं ले रही थी। उसने गर्भपात को भी ट्विशा का खुद का फैसला बताया था।
हालांकि, जांच एजेंसियों के हाथ लगी ट्विशा की व्हाट्सएप चैट ने समर्थ के इन दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। चैट से साफ जाहिर होता है कि समर्थ ही उसकी प्रेग्नेंसी को लेकर लगातार आपत्तिजनक और लांछन लगाने वाले सवाल उठा रहा था, जिससे समर्थ की सभी दलीलें बेहद कमजोर पड़ गई हैं। अब सीबीआई की टीम जल्द ही घटनास्थल का ‘सीन री-क्रिएशनÓ करने वाली है ताकि यह साफ हो सके कि यह सिर्फ आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।
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