कोलकाता , तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब एक और बड़े घटनाक्रम में ममता की करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के बाकी पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। पिछले महीने ही चंद्रिमा को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने सुब्रत बख्शी की जगह ये पद संभाला था।
चंद्रिमा को ममता का करीबी माना जाता है। वे सरकार से लेकर संगठन तक में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। पार्टी में जारी हालिया उथल-पुथल के बीच भी वे ममता के साथ खड़ी नजर आई थीं। हालांकि, उनके बेटे सौरव बसु को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट की बैठक में देखा गया था। तबसे ही कई अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने ममता से दूरी बना ली है।
70 वर्षीय चंद्रिमा राजनीति में आने से पहले वकालत करती थीं। उन्होंने 1976 में कलकत्ता विश्वविद्यासय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने 2011 के विधानसभा चुनावों में अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी। तब वे दम दम उत्तर सीट से विधायक बनी थीं। इसी साल उन्हें मंत्रिमंडल में भी जगह मिलीं। इसके बाद वे लगातार 3 चुनाव जीतीं। हालिया चुनाव में उन्हें भाजपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।